
मुंगेली। लखनऊ में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद मुंगेली जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। कलेक्टर के निर्देश पर मुंगेली एसडीएम अजय शतरंज, तहसीलदार कुणाल पाण्डेय, मुख्य नगर पालिका अधिकारी होरी सिंह तथा अग्निशमन विभाग की टीम ने जिले के विभिन्न कोचिंग सेंटरों, जिम और लाइब्रेरियों का सघन निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने संस्थानों में फायर एक्सटिंग्विशर, आपातकालीन निकास मार्ग, विद्युत सुरक्षा व्यवस्था तथा अन्य सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच की। कई संस्थानों में सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं, वहीं कुछ स्थानों पर अग्नि सुरक्षा के लिए आवश्यक उपकरण और इंतजाम नहीं मिले।
अधिकारियों ने संबंधित संचालकों को तत्काल आवश्यक सुधार करने के निर्देश देते हुए शाम तक फायर एक्सटिंग्विशर लगाने तथा सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने की हिदायत दी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का पालन नहीं करने वाले सभी संस्थानों को नोटिस जारी किया जाएगा और आवश्यकतानुसार आगे की कार्रवाई भी की जाएगी।

एसडीएम अजय शतरंज ने कहा कि विद्यार्थियों और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी आपात स्थिति में जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी संस्थानों में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम होना आवश्यक है। उन्होंने संचालकों से सुरक्षा नियमों का गंभीरता से पालन करने की अपील की।
जिला प्रशासन द्वारा चलाया गया यह विशेष निरीक्षण अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना को समय रहते रोका जा सके और विद्यार्थियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। प्रशासन की इस त्वरित और सक्रिय कार्रवाई को अभिभावकों एवं नागरिकों ने सराहनीय कदम बताया है।


