“होली के रंग में रंगे नेताजी—विपक्ष से गले भी मिले, वोट भी दिए!”
होली आते ही नेताजी का दिल इतना बड़ा हो गया कि पार्टी से ज्यादा उन्हें विपक्ष का प्यार भाने लगा! कहते हैं, “होली में दुश्मन भी गले मिलते हैं,” लेकिन नेताजी तो पूरे जोश में आकर क्रॉस-वोटिंग तक कर बैठे। 🎭 पहला रंग—’साहब, हमें होली मनानी थी, गलती से वोट दे दिया!’ तीनों नेताजी ने…

