संविधान दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ शबरी सेवा संस्थान बछेरा में नशा मुक्ति अभियान कार्यक्रम मनाया गया

मुंगेली संविधान दिवस के अवसर पर  छत्तीसगढ़ शबरी सेवा संस्थान बछेरा के संचालक कमल यादव के मार्गदर्शन में शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला बछेरा में संविधान दिवस और नशा मुक्ति संकल्प अभियान कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें सभी छात्रों को राजाराम यादव द्वारा संविधान के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए
बताया गया कि 26 नवंबर 1949 के दिन देश की संविधान सभा ने संविधान को अपनाया था। यही वह दिन है जब संविधान बनकर तैयार हुआ था। संविधान दिन का मकसद देश के नागरिकों में संवैधानिक मूल्यों के प्रति सम्मान की भावना को बढ़ाना है। यह संविधान ही है जो अलग-अलग धर्मों व जातियों की भारत की 140 करोड़ की आबादी को एक देश की तरह जोड़ता है। मौलिक अधिकारो  संविधान भारत को एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक गणराज्य बनाता है। यह भारतीय नागरिकों को न्याय, समानता और स्वतंत्रता की गारंटी देता है और भाईचारे को बढ़ावा देने का प्रयास करता है।

चंद्रशेखर निषाद द्वारा नशा मुक्ति के बारे में बताया गया कि नशा की लत एक गंभीर समस्या है जो दुनिया भर में अनगिनत लोगों को प्रभावित करता है। इससे शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की स्वास्थ्य समस्याएं होती हैं। शारीरिक रूप से नशे की लत दिल, लीवर और फेफड़ों जैसे महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुँचाती है। नशे के परिणाम स्वरूप हृदय रोग, लीवर की क्षति और श्वसन संबंधी समस्याएँ होती हैं। यह प्रतिरक्षा प्रणाली को भी कमज़ोर करता है, जिससे शरीर बीमारियों के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाता है। मानसिक रूप से नशीली दवाओं की लत मस्तिष्क के कार्य को बाधित करती है, जिससे निर्णय लेने में बाधा, अवसाद, चिंता और यहाँ तक कि आत्महत्या के विचार जैसी समस्याएँ होती हैं। इसका असर व्यक्ति से परे होता है, नशे की लत परिवारों और समुदायों को प्रभावित करती है। लोगों में इससे वित्तीय और भावनात्मक तनाव भी पैदा होता है। गर्भवती महिलाएँ जो नशे की लत में होती हैं, उनके अजन्मे बच्चों को गंभीर नुकसान होने का जोखिम होता है, जिसमें जन्म दोष और विकास संबंधी समस्याएँ शामिल हैं। नशे की लत पर काबू पाने के लिए पेशेवर उपचार, थेरेपी और मज़बूत सहायता प्रणाली की ज़रूरत होती है। इस मुद्दे से निपटना व्यक्तिगत स्वास्थ्य और सामाजिक स्वास्थ्य दोनों को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण है।

शिवकुमार साहू द्वारा बताया गया कि जिले में नशा मुक्ति केंद्र का संचालन किया जा रहा है जिसमें कोई भी व्यक्ति नशे की लत से निःशुल्क उपचार कर छुटकारा पा सकते हैं नशा मुक्ति केंद्र में भोजन, आवासीय सुविधा, उपचार पूर्णतः निशुल्क है। इस दौरान राजाराम यादव, चंद्रशेखर निषाद, शिवकुमार साहू, रूपेंद्र यादव, प्रधान पाठक राजकुमार साहू, विनोद साहू, सरिता पांडे सहित छात्रों की अहम भूमिका रही ।।

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